भारतीय ज्ञान परंपरा एक समृद्ध एवं विविधापूर्ण धरोहर है। प्राचीन भारत में विज्ञान के युग में तीव्र गति से वैज्ञानिक अवधारणाएं विकसित हुई थीं। भारतीय ऋषि मुनियों ने प्राकृतिक नियमों का विस्तृत अध्ययन कर...
भारतीय ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों से अपनी बौद्धिक समृद्धि, वैज्ञानिक विचार और तार्किक तर्क के लिए प्रसिद्ध रही है। इस परंपरा में गणित का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। यह न केवल सैद्धांतिक अध्ययन का विष...
यह शोधपत्र रासायनिक गतिकी (प्रतिक्रिया दरों और तंत्रों का अध्ययन) और बौद्ध धर्म के बीच दार्शनिक और वैचारिक समानताओं का अन्वेषण करता है, विशेष रूप से इसके मूल सिद्धांत - अनित्यता (अनिच्च), प्रतीत्यसमुत...
भारत की वैज्ञानिक विरासत मानव सभ्यता की सबसे समृद्ध विरासतों में से एक है, जिसमें गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा, रसायन विज्ञान, धातुकर्म और पर्यावरण प्रबंधन में विशाल योगदान शामिल है। भारतीय ज्ञान प्रण...
भारतीय ज्ञान परंपरा में गणित केवल एक शैक्षणिक विषय नहीं बल्कि जीवन का अभिन्न अंग रहा है। प्राचीन भारत में गणित का उपयोग समय प्रबंधन, वास्तु शास्त्र, संगीत और नृत्य की लय, व्यापार और वाणिज्य, तथा दैनिक...
भारतीय ज्ञान परम्परा पंचमहाभूतों पर आधारित एक समन्वित विश्वदृष्टि प्रस्तुत करती है, जिसमें मानव को प्रकृति का अभिन्न अंश माना गया है। ऋग्वैदिक सूक्तों से लेकर उपनिषदों, आयुर्वेद, वास्तुशास्त्र और लोक ...
भारतीय ज्ञान परंपरा में प्रकृति और मानव के संबंध को सह-अस्तित्व के रूप में समझा गया है, न कि प्रभुत्व या दोहन के रूप में। प्राचीन भारतीय चिंतन में मानव स्वयं को प्रकृति से अलग नहीं मानता, बल्कि उसका अ...
किसी भी सभ्यता का उत्थान पतन उसकी आर्थिक स्थिति और राजनीतिक स्थिति नहीं होती है बल्कि ज्ञान परंपरा होती है। भारतीय संस्कृति ने हमेशा ही ज्ञान परंपरा को महत्व दिया है। चिंतन की प्राचीन परंपरा \"उपनिषद\...
भारतीय ज्ञान परंपरा अत्यंत प्राचीन, विविध और समावेशी है, जो वेदों, उपनिषदों, पुराणों, शास्त्रों और लोक साहित्य के माध्यम से विकसित हुई है। इसका मूल उद्देश्य जीवन के उद्देश्य को समझना, आत्मा की प्रकृति...
भारतीय ज्ञान परंपरा विश्व की प्राचीनतम और समृद्ध परंपराओं में से एक है, जिसमें वेद, उपनिषद, दर्शन, स्मृतियाँ, पुराण तथा लोक-संस्कृति सम्मिलित हैं। इस परंपरा में नारी को केवल सामाजिक इकाई नहीं, बल्कि श...
प्राचीन काल से ही भारतीय सभ्यता तथा संस्कृति में नारी का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा में नारी को केवल सामाजिक इकाई नहीं अपितु सृजन, ध्यान व शक्ति के मूल स्रोत के रूप में देखा गया है। ...
राजनीतिक सिद्धांत में सामान्यतः लोकतंत्र की उत्पत्ति यूनानी और यूरोपीय विचारों से मानी जाती है, लेकिन यह अध्ययन रामायण में प्राचीन भारतीय लोकतांत्रिक लोकाचार और स्वदेशी, सहभागी शासन प्रणाली को उजागर क...
भारतीय ज्ञान परंपरा अर्थात जो ज्ञान वेदों, उपनिषदों, शास्त्रीय ग्रंथों, पांडुलिपियों या मौखिक संचार के रूप में हजारों वर्षों से चला आ रहा है। इसके अंतर्गत जीवन निर्वाह हेतु व्यवहारिक ज्ञान जैसे कृषि, ...
भारतीय ज्ञान परंपरा ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को दर्शन, चिकित्सा, कला और शासन में विद्वानों के रूप में महत्व देकर महिला सशक्तिकरण में योगदान दिया है। इसने नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में शिक्...
भारत में प्राचीन काल से लेकर वर्तमान तक राज्य राजस्व (कोष) प्रबंधन शासन का एक केंद्रीय कार्य रहा है। प्राचीन भारतीय ग्रंथों, विशेष रूप से कौटिल्य के अर्थशास्त्र और धर्मशास्त्र में, नैतिक संग्रह, न्याय...
शास्त्रों में कहा गया है कि *\'सा विद्या या विमुक्तये\'* - विद्या वही है जो मनुष्य को मुक्त करे। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो मनुष्य के आंतरिक और बाहरी कल्मषों का पूर्ण प्रक्षालन कर एक आदर्श मानव का निर्म...
भारतीय ज्ञान परंपरा वेदोंए उपनिषदोंए पुराणों और शास्त्रों में निहित प्राचीन और विविध ज्ञान की एक प्रणाली है, जिसमें दर्षन, आध्यात्मिकता, विज्ञान, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों का समावेश है। यह परंपरा ज्ञ...
पश्चिमी आर्थिक परंपराएं जो लाभ अधिकतमकरण, ग्राहक प्रेरणा और बाजार दक्षता को प्राथमिकता देती हैं, ने विपणन के विकास में प्रमुख भूमिका निभाई है। हालांकि, इन रणनीतियों ने अनैतिक व्यवहार, अत्यधिक उपभोक्ता...
भारत प्राचीन काल से हीं मानवीय मूल्यों एवं विशिष्ट वैज्ञानिक परम्पराओं का देश रहा है। भारत अपनी संस्कृतिक विशेषता वसुधैव कुटुंबकम के आधार पर पूरी दुनिया को एक परिवार मानता है। भारतीय ज्ञान परंपरा हजार...
विश्वगुरु नाम से पूरी दुनिया में विख्यात भारतवर्ष में ज्ञान और विज्ञान की परंपरा बहुत प्राचीन समय से चली आ रही है, यही कारण है कि भारत को आज भी पूरी दुनिया बुद्ध के देश (Land of Buddha) के नाम से जानत...